Last updated: अगस्त 24th, 2026
प्रस्तावना
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, 8 मार्च 2025 के अवसर पर, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने अपने मेंटॉरशिप कार्यक्रम के तहत गर्वपूर्वक शुभारंभ किया “तेरे मेरे सपने” – विवाह-पूर्व संवाद केंद्र (PMCCs) भारत के नौ राज्यों में। इस पहल के तहत, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, केरल, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, ओडिशा और उत्तर प्रदेश राज्यों में 23 केंद्रों का उद्घाटन किया गया।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) द्वारा शिकायतों के विश्लेषण से पता चलता है कि घरेलू मुद्दे शिकायतों का सबसे बड़ा हिस्सा हैं।अक्सर इसका कारण होता है अवास्तविक अपेक्षाएँ, प्रभावी संवाद का अभाव और विवाह-पूर्व तैयारी की कमी। संयुक्त परिवारों में कमी, सोशल मीडिया के प्रभाव और बदलते सामाजिक मानदंडों के कारण युवा दंपतियों को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यह पहल राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की युवा दंपतियों के बीच स्वस्थ संबंधों को बढ़ावा देने के प्रति गहरी प्रतिबद्धता से प्रेरित है स्वस्थ संबंधों, व्यक्तियों को सशक्त बनानाऔर परिवारों को सुदृढ़ बनाना।बदलती सामाजिक गतिशीलता, वैवाहिक अपेक्षाओं और पारिवारिक संरचनाओं के इस दौर में, व्यक्तियों को मजबूत, सम्मानजनक और सुदृढ़ वैवाहिक संबंध बनाए रखने के लिए आवश्यक कौशल से सुसज्जित करना अत्यंत आवश्यक है।
वर्तमान में, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के मेंटर्स 108 PMCCs देशभर में 16 राज्यों/केंद्र – असम, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, बिहार, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मणिपुर, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।
विवाह-पूर्व संवाद क्यों महत्वपूर्ण है
विवाह-पूर्व संवाद स्वस्थ संबंधों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह व्यक्तियों और दंपतियों को संभावित चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने, विवादों के समाधान के कौशल विकसित करने और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देने में सहायता करता है। यह घरेलू हिंसा और तलाक के जोखिम को कम करता है, साझा जिम्मेदारियों के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है तथा परिवार और समाज की मजबूत नींव को सुदृढ़ करता है।
“तेरे मेरे सपने” – विवाह-पूर्व संवाद केंद्र (PMCCs) के बारे में
भारत की अग्रणी पहल, “Tere Mere Sapne” Pre-Marital Communication Centers (PMCCs)यह कार्यक्रम परामर्श सत्रों, संवादात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं को मजबूत और सम्मानजनक संबंधों के लिए आवश्यक कौशल एवं साधनों से सुसज्जित करता है। अपेक्षाओं, मानसिक स्वास्थ्य, वित्तीय नियोजन और पारिवारिक संबंधों जैसे विषयों पर खुले संवाद को प्रोत्साहित करके, यह कार्यक्रम व्यक्तियों को सशक्त बनाता है, मजबूत वैवाहिक संबंधों को बढ़ावा देता है तथा सुरक्षित घरों और अधिक सुदृढ़ समुदायों के निर्माण में योगदान देता है।